छुट्टी के लिए छठी मइया की कसम ? बिहार पुलिस का नया शिगूफा

Bihar Police Associaton leave

समस्तीपुर : बिहार में सूर्य देव की पूजा महापर्व छठ, जो कि दीवाली के छह दिन बाद मनाया जाता है, की बड़ी मह्त्ता है। बिहार का शायद ही कोई ऐसा गांव होगा जहां छठ की पूजा ना की जाती हो। अब तो बिहार के लोग जो काम के सिलसिले में देश विदेश गए हैं वहां भी छठ मनाने लगे हैं। छठ की महानता समझ, भारत के और भी राज्यों में लोगों ने महापर्व छठ की पूजा शुरु कर दी है।

जैसा कि हमने बताया छठ का महापर्व दिवाली के छह दिन बाद आता है, तो इस लिहाज से दिवाली के खत्म होते ही हर घर में छठ की तैयारियां शुरु हो जाती है। चूंकि इस महापर्व में काफी तैयारी करनी होती है , सो  यह अकेले घर के महिलाओं के वश से बाहर की बात होती है। इसमें पूरे परिवार को लगना होता है। इसी बीच समस्तीपुर में एक मामला सामने आया है , जिसने छठ की अहमता को एक बार फिर से परिभाषित किया है।

दरअसल बिहार के समस्तीपुर जिले में छठ की छुट्टी के लिए पुलिसकर्मियों द्वारा एक अजीबोगरीब शपथ पत्र भरे जाने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस शपथ पत्र को लेकर बिहार सरकार विवादों के घेरे में है। बताया जा रहा है कि समस्तीपुर में छठ पर्व पर छुट्टी लेने के लिए पुलिसकर्मियों ने इस शपथ पत्र को भरा है, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। सोशल मीडिया में वायरल हुए उक्त शपथ-पत्र में लिखा है, मैं … छठी मइया को साक्षी मानकर शपथ लेता हूं कि मैं स्वयं छठ पिछले ….साल से करता आ रहा हूं। हे छठी मइया, अगर मैं झूठ बोलकर छुट्टी ले रहा हूं तो उसी समय मेरे बच्चा एवं मेरे समस्त परिवार पर घोर विपत्ति आ जाए।

हालांकि समस्तीपुर के एसपी ने इस तरह के किसी शपथ पत्र की खबर को गलत बताते हुए डीएसपी रैंक के अधिकारी को इसकी जांच करने का आदेश दिया गया है। समस्तीपुर के पुलिस अधीक्षक विकास वर्मन ने इस तरह का शपथ पत्र लिए जाने की बात से इंकार करते हुए बुधवार को बताया कि इस मामले को गंभीरतापूर्वक लेते हुए उन्होंने पुलिस उपाधीक्षक रैंक के एक अधिकारी को मामले की जांच करने को कहा है। एसपी ने बताया कि अधिकारियों को यह पता करने के लिए कहा गया है कि किसके निर्देश से ऐसे फॉर्म भरे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी स्तर पर इस प्रकार का कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है। ऐसे में कैसे इस प्रकार का शपथ पत्र लिया जा सकता है?

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इस बीच बिहार पुलिस असोसिएशन का भी कहना है कि कि छठ पर्व के अवसर पर छुट्टी के लिए पुलिसकर्मियों से इस प्रकार शपथ पत्र लिया जाना अधिकारियों की अधीनस्थ कर्मियों की धार्मिक भावना पर हमला और उनकी निष्ठा में अविश्वास को दर्शाता है। बिहार पुलिस असोसिएशन के अध्यक्ष मृत्युंजय सिंह ने पत्रकारों से कहा कि हमारा वॉट्सऐप ग्रुप नाराजगी के संदेशों से भर गया है। उन्होंने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार समस्तीपुर में 400 से अधिक पुलिसकर्मी हैं, जिनमें से 10 प्रतिशत से कम को छुट्टी की आवश्यकता हो सकती है। ऐसे में चाहे जो भी हालात हों, यह बात नहीं होनी चाहिए।

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